Delhi Elections: भाजपा गुपचुप कर रही है चाय पर चर्चा, इन खास लोगों को भेज रही है बुलावा!
दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार खत्म होने में अब केवल चार दिन बाकी हैं। ऐसे में सभी दलों के स्टार नेताओं ने प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी बीच भाजपा की एक टीम बेहद शांतिपूर्ण तरीके से राजधानी के 'बौद्धिक' वर्ग को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए चुपचाप बैठकें आयोजित कर रही है। विशेष संपर्क अभियान के तहत भाजपा राजधानी के लगभग 50 लाख उन 'बौद्धिक' को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है, जो उच्च शिक्षित हैं और विभिन्न पेशों में अपना योगदान दे रहे हैं।
इनमें राजधानी के विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टर, विभिन्न अदालतों के वकील, पूर्व न्यायाधीश, तीनों सेनाओं के पूर्व अधिकारी, बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम कर रहे युवा और कला जगत के लोग शामिल हैं। सोमवार को पूरी दिल्ली में इस अभियान के तहत लगभग 150 सभाएं आयोजित करने की तैयारी है।
भाजपा के पूर्वी दिल्ली से सांसद गौतम गंभीर के नेतृत्व में इस ‘विशेष संपर्क अभियान’ के तहत पार्टी ने हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक प्रमुख और दो सह-प्रमुख बनाए हैं। ये प्रत्येक दिन तीन से चार छोटी-छोटी बैठकें कर रहे हैं। ये बैठकें विधानसभाओं में ही किसी जगह पर की जा रही हैं।
इनके लिए किसी अस्पताल, समुदाय भवन या स्कूल में संपर्क किया जा रहा है, जहां दो से तीन सौ लोगों को चाय पर आमंत्रित किया जा सके। पार्टी का दावा है कि वह अब तक हर प्रमुख क्षेत्र के विशेषज्ञों से संपर्क साधने में सफल रही है।
एक अनुमान है कि दिल्ली की लगभग दो करोड़ की आबादी में करीब एक चौथाई यानी पचास लाख लोग नौकरी पेशा और 'बौद्धिक' वर्ग के लोग हैं। ये किसी राजनीतिक दल से जुड़े लोग नहीं हैं, बल्कि इनके लिए देश का विकास, रोजगार और हर विधा में देश की प्रगति ज्यादा मायने रखती है।
पार्टी ने चुनाव शुरू होने के साथ ही इस वर्ग को अपने साथ जोड़ने का लक्ष्य बनाया था। पार्टी का दावा है कि वह अब तक अपने लक्ष्य को हासिल करने के बेहद करीब है। विशेष संपर्क अभियान के सह-संयोजक खेमचन्द्र शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि बौद्धिक वर्ग के भारी संख्या में लोग उनके साथ जुड़ चुके हैं।
लोकसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी ने इसी रणनीति के तहत इस वर्ग को अपने साथ लाने के लिए विशेष अभियान चलाया था। पार्टी को इस अभियान का काफी फायदा मिला था। यही कारण है कि पार्टी ने अपनी उसी पुरानी टीम को एक बार फिर ये जिम्मेदारी सौंपी थी।